RBI CIBIL Score : भारत में जब भी किसी व्यक्ति को घर खरीदना हो, गाड़ी लेनी हो, बच्चों की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन चाहिए हो या फिर कोई छोटा व्यवसाय शुरू करना हो, तो बैंक लोन की जरूरत पड़ती है। लेकिन कई बार अच्छी सैलरी और स्थिर आमदनी होने के बावजूद भी सिर्फ सिबिल स्कोर कम होने के कारण लोन मिलना मुश्किल हो जाता है।
अक्सर देखा गया है कि सिबिल रिपोर्ट में गलत जानकारी होने की वजह से भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। समय पर ईएमआई भरने के बावजूद स्कोर अपडेट नहीं होता या किसी और के लोन की एंट्री रिपोर्ट में दिखने लगती है। ऐसे मामलों में ईमानदार ग्राहक भी बैंक के सामने कमजोर पड़ जाते हैं।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने RBI CIBIL Score New Rule 2026 के तहत कुछ अहम बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का मकसद क्रेडिट स्कोर सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, तेज और ग्राहक के हित में बनाना है।
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RBI CIBIL Score क्या होता है और क्यों जरूरी है

सिबिल स्कोर आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री का एक तरह से रिपोर्ट कार्ड होता है। यह 300 से 900 के बीच का एक नंबर होता है, जो यह बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कितनी जिम्मेदारी से किया है।
समय पर ईएमआई भरना, क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाना और लिमिट के भीतर खर्च करना, ये सभी आदतें आपके स्कोर को मजबूत बनाती हैं। वहीं देरी से भुगतान करने या ज्यादा कर्ज लेने से स्कोर गिरता है।
अगर आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे ऊपर है तो बैंक आपको कम ब्याज दर पर लोन देने में ज्यादा भरोसा दिखाते हैं। कम स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट भी हो सकता है या फिर ऊंची ब्याज दर चुकानी पड़ती है।
RBI को नियम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी
पिछले कुछ वर्षों में सिबिल स्कोर को लेकर हजारों शिकायतें सामने आई थीं। कई ग्राहक समय पर भुगतान करते रहे, लेकिन उनके स्कोर में महीनों तक कोई सुधार नहीं दिखा।
कुछ मामलों में क्रेडिट रिपोर्ट में गंभीर गलतियां पाई गईं। बंद किए गए लोन को चालू दिखाना या किसी दूसरे व्यक्ति के लोन की जानकारी रिपोर्ट में जोड़ देना जैसी समस्याएं आम हो गई थीं।
इन गलतियों को सुधारने में लंबा समय लगता था और तब तक ग्राहक को लोन, क्रेडिट कार्ड या अन्य वित्तीय सेवाओं में नुकसान झेलना पड़ता था। इन्हीं कारणों से RBI ने सख्त नियम लागू किए।
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अब हर महीने अपडेट होगा सिबिल स्कोर
नए नियमों के अनुसार अब सिबिल स्कोर हर महीने अपडेट किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया काफी धीमी थी और कई बार तीन से चार महीने लग जाते थे।
अब अगर आपने इस महीने ईएमआई समय पर भरी है या बकाया खत्म किया है, तो उसका असर अगले महीने के स्कोर में दिखेगा। इससे ग्राहकों को अपने सुधार का जल्दी फायदा मिलेगा।
यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो अपना खराब स्कोर सुधारने की कोशिश कर रहे हैं और जल्दी लोन लेना चाहते हैं।
स्कोर घटने पर बैंक को कारण बताना होगा
RBI के नए नियमों के तहत अब बैंक या वित्तीय संस्थान बिना वजह सिबिल स्कोर कम नहीं कर सकेंगे। पहले अचानक स्कोर गिरने की शिकायतें आम थीं।
अब अगर किसी कारण से स्कोर घटता है, तो बैंक या क्रेडिट संस्था को ग्राहक को साफ-साफ बताना होगा कि गिरावट क्यों आई है। यह जानकारी लिखित रूप में दी जाएगी।
इससे ग्राहक अपनी गलती समझ सकेगा और भविष्य में उसे सुधारने के लिए सही कदम उठा पाएगा। यह नियम सिस्टम में जवाबदेही तय करता है।
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गलती सुधारने के लिए 15 दिन की समय-सीमा
क्रेडिट रिपोर्ट में गलत एंट्री होना एक आम समस्या रही है। भुगतान करने के बावजूद बकाया दिखना या गलत अकाउंट जुड़ जाना ग्राहकों के लिए बड़ी परेशानी बनता था।
नए नियमों के अनुसार अगर ग्राहक किसी गलती की शिकायत करता है, तो बैंक या क्रेडिट ब्यूरो को 15 दिनों के भीतर उसे ठीक करना होगा।
पहले जहां महीनों लग जाते थे, अब तय समय सीमा होने से ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी और स्कोर गलतियों की वजह से खराब नहीं रहेगा।
आम लोगों को इन नियमों से क्या फायदा होगा
इन नए नियमों का सीधा फायदा नौकरीपेशा लोगों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। अब सिबिल स्कोर ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद होगा।
ग्राहक को हमेशा यह जानकारी रहेगी कि उसका स्कोर क्यों बढ़ा या क्यों घटा। इससे वित्तीय योजना बनाना आसान हो जाएगा।
लोन अप्रूवल प्रक्रिया तेज होगी और बैंक भी ग्राहक की ताजा क्रेडिट स्थिति के आधार पर सही निर्णय ले सकेंगे।
सिबिल स्कोर कैसे सुधारें
अगर आपका सिबिल स्कोर कम है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपनी ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाना शुरू करें।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल न करें। कोशिश करें कि खर्च 30–40 प्रतिशत के भीतर ही रहे।
बार-बार नए लोन या कार्ड के लिए आवेदन न करें और पुराने क्रेडिट अकाउंट बिना वजह बंद न करें। नए नियमों के कारण इन आदतों का असर अब जल्दी दिखेगा।
अंतिम बात
RBI के ये नए नियम बताते हैं कि अब बैंकिंग सिस्टम ग्राहक को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा है। ईमानदार ग्राहकों को उनके सही व्यवहार का पूरा लाभ मिलेगा।
गलतियों की वजह से होने वाला नुकसान अब पहले जैसा नहीं रहेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे आम लोगों का बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा मजबूत होगा।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। RBI और सिबिल से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।









